पंचांग क्या है?
पंचांग हर वैदिक दिन के पांच अंग दिखाता है। ये हैं तिथि (चंद्र दिवस), नक्षत्र, योग, करण और वार। शब्द संस्कृत से आया है। पंच का अर्थ पांच, अंग का अर्थ हिस्सा। भारतीय परिवार 2,000 साल से पंचांग देखते आए हैं। वे पूजा, विवाह, यात्रा और गृह प्रवेश के लिए इसे जांचते हैं।
पंचांग के पांच अंग
तिथि सूर्य और चंद्र के बीच का कोण है। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं। नक्षत्र बताता है चंद्र कहां है। कुल 27 नक्षत्र हैं। योग सूर्य और चंद्र के योग से बनता है। करण आधी तिथि है। वार सप्ताह का दिन है, हर एक का एक ग्रह स्वामी होता है।
राहु काल और शुभ मुहूर्त
राहु काल हर दिन का एक कठिन समय है। यह करीब डेढ़ घंटे का होता है। इस समय नया काम, सौदा या यात्रा टालें। इसकी जगह अमृत या शुभ चौघड़िया चुनें। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का समय है, पूजा के लिए सबसे अच्छा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर के पास होता है, हर काम के लिए शुभ।
शहर के अनुसार पंचांग क्यों
सूर्योदय हर शहर में अलग होता है। इससे राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त बदल जाते हैं। हम हर शहर के अपने अक्षांश का उपयोग करते हैं। इसलिए आपके शहर का हर समय सटीक रहता है। ऊपर अपना शहर चुनें और आज का सटीक पंचांग देखें।