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आज का राशिफल, 27 जून 2026
असली ग्रह गोचर पर आधारित। चन्द्र राशि से। लाहिरी अयनांश।
Aries
Taurus
Gemini
Cancer
Leo
Virgo
Libra
Scorpio
Sagittarius
Capricorn
Aquarius
Pisces
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विद्वानों का भरोसा
“मैंने कई ऑनलाइन वैदिक कुंडली टूल जाँचे हैं। Naksham की ग्रह स्थितियाँ पेशेवर स्तर के एफेमेरिस डेटा से आर्क-सेकंड की सटीकता तक मेल खाती हैं। गंभीर ज्योतिषी यही स्तर चाहते हैं।”
“मैंने यहाँ अपनी कुंडली देखी और उसकी तुलना उस कुंडली से की जो हमारे परिवार के पंडित ने सालों पहले बनाई थी। हर ग्रह, हर भाव, बिल्कुल वही स्थिति। यकीन नहीं होता कि यह मुफ़्त है।”
राशिफल आपकी चन्द्र राशि का रोज़ का फल है। इसे राशि भविष्य भी कहते हैं। वैदिक ज्योतिष में राशिफल चन्द्र राशि पर बनता है। सूर्य राशि पर नहीं। चन्द्र हर सवा दो दिन में राशि बदलता है। इसी से हर दिन का फल अलग होता है।
राशिफल दो शब्दों से बना है: राशि और फल। राशि माने आपका जन्म चिह्न, और फल माने नतीजा। तो राशिफल का अर्थ है आपकी राशि का नतीजा। यानी आज ग्रहों की चाल से आपको क्या मिल सकता है। अगर आपको राशि नहीं पता, तो हमारा फ्री राशि खोजक मदद करेगा। यह आपकी जन्म तिथि से आपकी राशि बता देगा।
हर राशि का फल रोज़ बदलता है: मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ, और मीन। हर राशि के लिए असली ग्रह गोचर देखा जाता है। इसी वजह से वैदिक राशिफल अख़बार से ज़्यादा सटीक होता है।
असली राशिफल कोई अंदाज़ा नहीं होता। यह एक पक्की गणित विधि से बनता है। यह विधि हज़ारों साल पुराने ग्रंथों में लिखी है। हम हर दिन के असली ग्रह स्थान लेते हैं। गणना स्विस एफेमेरिस से होती है, जो बहुत सटीक है।
पहले हम नवग्रह की वैदिक स्थिति निकालते हैं: सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, और केतु। फिर लाहिरी अयनांश का सुधार लगाते हैं। यह तारों को राशियों से सही जोड़ता है।
अब हर राशि के लिए एक बात देखते हैं। कौन ग्रह किस भाव से गुज़र रहा है। इसे गोचर कहते हैं। मान लें गुरु वृषभ में है और आपकी राशि मेष है। तब गुरु आपके दूसरे भाव से गुज़र रहा है। यह धन और परिवार का भाव है। हर गोचर फलदीपिका और बृहत् संहिता के नियमों से परखा जाता है।
सितारा रेटिंग 1 से 5 तक होती है। यह सभी ग्रहों के अष्टकवर्ग स्कोर से बनती है। ज़्यादा स्कोर माने ग्रहों का अच्छा सहारा, यानी 4 या 5 सितारे। शुभ रंग सबसे अच्छे गोचर वाले ग्रह से आता है। शुभ अंक उसी ग्रह के वैदिक अंक से बनता है। गहरी समझ के लिए अपनी फ्री कुंडली बनाएं।
बहुत लोग राशिफल और कुंडली को एक समझ लेते हैं। पर दोनों अलग काम करते हैं। कुंडली आपका स्थायी नक्शा होती है। यह जन्म के समय ग्रहों की जगह दिखाती है। यह जीवन भर कभी नहीं बदलती।
राशिफल आज के मौसम जैसा है। यह बताता है आज ग्रह कहां चल रहे हैं। यह तो हर दिन बदलता है। कुंडली के लिए जन्म तिथि, समय, और स्थान चाहिए। राशिफल के लिए बस आपकी राशि काफी है।
रोज़ की राह के लिए राशिफल आसान और तुरंत काम का है। यह बताता है आज नया काम शुरू करें या थोड़ा रुकें। बड़े फैसलों के लिए पूरी कुंडली और दशा चाहिए। दोनों साथ मिलकर काम करते हैं। राशिफल रोज़ के लिए, कुंडली जीवन की योजना के लिए।
राशिफल पूरे दिन की झलक देता है। पर करियर और प्रेम के लिए खास राह भी मिलती है। करियर के लिए दसवें भाव और छठे भाव के गोचर देखें। दसवां भाव करियर और मान का है। छठा भाव रोज़ के काम और मुकाबले का है।
सूर्य या गुरु इन भावों में शुभ हों, तो समय अच्छा है। यह नौकरी, इंटरव्यू, और नए काम के लिए सही दिन हैं। गहरी जांच के लिए हमारा करियर भविष्यवाणी टूल देखें।
प्रेम के लिए पांचवें और सातवें भाव के गोचर देखें। पांचवां भाव प्रेम और आकर्षण का है। सातवां भाव साथ और विवाह का है। शुक्र प्रेम का सहज कारक है। जब शुक्र शुभ हो, तब प्रेम की ऊर्जा बढ़ती है। 4 या 5 सितारे वाले दिन अच्छे होते हैं। तब मिलना और बात करना सही रहता है। गहरी समझ के लिए हमारा प्रेम भविष्यवाणी टूल देखें।
सेहत की राह पहले और छठे भाव से आती है। पहला भाव शरीर की ताकत का है। छठा भाव रोग और सुधार का है। शनि या मंगल इन भावों से गुज़रें, तो आराम और संतुलन रखें।
लोग अक्सर पूछते हैं: चन्द्र राशि पढ़ूं या सूर्य राशि? जवाब इस बात पर है कि आप कौन सी पद्धति मानते हैं। वैदिक ज्योतिष में हमेशा चन्द्र राशि पढ़ें। पश्चिमी ज्योतिष में लोग सूर्य राशि पढ़ते हैं। हमारा राशिफल वैदिक है, तो यह चन्द्र राशि पर बनता है।
वैदिक ज्योतिष चन्द्र को क्यों चुनता है? चन्द्र मन, भाव, और रोज़ के अनुभव का स्वामी है। यह हर सवा दो दिन में राशि बदलता है। इसलिए चन्द्र का फल ज़्यादा सटीक और समय से जुड़ा होता है। सूर्य एक राशि में पूरा महीना रहता है।
सूर्य आपकी आत्मा, मान, और पहचान दिखाता है। सूर्य का फल महीने के बड़े रुझान बताता है, रोज़ के नहीं। वैदिक और पश्चिमी राशि में करीब 24 अंश का फर्क होता है। इसी फर्क को अयनांश कहते हैं। इसी से आपकी वैदिक और पश्चिमी राशि अक्सर अलग होती हैं। अपनी सही चन्द्र राशि जानने के लिए हमारा राशि खोजक देखें।
राशिफल मुख्य रूप से आपकी राशि पर बनता है। पर एक गहरी परत आपके जन्म नक्षत्र से आती है। हर राशि में सवा दो नक्षत्र होते हैं। आपका नक्षत्र बताता है गोचर आप पर कैसे असर करेगा। एक ही राशि के दो लोग अलग असर पा सकते हैं। यह तब होता है जब उनके नक्षत्र अलग हों।
27 नक्षत्र विंशोत्तरी दशा की रीढ़ हैं। आपका नक्षत्र स्वामी तय करता है आपकी पहली दशा कौन सी थी। यही पूरी दशा की कड़ी बनाता है। इसलिए नक्षत्र की जांच निजी फल के लिए ज़रूरी है। अपना नक्षत्र जानने के लिए हमारा फ्री नक्षत्र खोजक देखें।
कम सितारे वाला दिन आपकी ताकत कम नहीं करता। यह बस इतना कहता है कि आज ग्रहों का सहारा हल्का है। ऐसे दिन धैर्य और तैयारी के लिए अच्छे होते हैं। वैदिक परंपरा कहती है: समझ ही पहला और सबसे बड़ा उपाय है। जब आप दिन का हाल जानते हैं, तब राह आसान लगती है।
ऐसे दिनों के लिए कुछ सरल उपाय हैं। जिस ग्रह का गोचर कठिन हो, उसका मंत्र जपें। अपना शुभ रंग पहनें ताकि अच्छी ऊर्जा से जुड़ें। नया बड़ा काम टालें, और पुराने काम पूरे करें। ये छोटे कदम दिन को हल्का बना देते हैं। अपने चार्ट के लिए बने उपाय के लिए हमारा लाल किताब उपाय टूल देखें।
अगर राशिफल बार-बार कठिन समय दिखाए, तो बड़ा गोचर चल रहा होगा। जैसे साढ़े साती, यानी शनि का साढ़े सात साल का गोचर। यह जीवन की एक पाठशाला है, सज़ा नहीं। ऐसे में अपना 90 दिन का फलादेश बनाएं। इससे आप पूरी तस्वीर देखकर आगे की योजना बना पाएंगे।
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